ईरान ने आज कुवैत पर मिसाइलों और ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमले किए। अमरीका के साथ जारी संघर्ष के बीच हुए इन हमलों देश के बिजली तथा जल शोधन ढांचे के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा। हमलों के बाद कुवैत ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया और सभी उड़ान सेवाएं निलंबित कर दीं।
ईरान से दागी गई मिसाइलों के कुवैती हवाई क्षेत्र में प्रवेश के बाद अधिकारियों ने लोगों को घरों के अंदर रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि उसने अपने ‘ऑपरेशन नस्र-2’ के 18वें चरण के तहत कुवैत स्थित अरिफजान ग्राउंड फोर्सेज सपोर्ट सेंटर को निशाना बनाया। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि इस हमले में वहां तैनात कई अमरीकी सैनिक मारे गए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड ने यह भी दावा किया कि उसने अमरीकी अली अल सलेम एयर बेस पर रडार प्रतिष्ठान को ड्रोन से निशाना बनाया। इसके अलावा, उसने कुवैत के अल अहमदी बंदरगाह स्थित अमेरिकी नौसेना के ईंधन सहायता केंद्र और संचार केंद्र पर ड्रोन तथा मिसाइल हमले किए।
इन हमलों का असर आवश्यक सेवाओं पर भी पड़ा है। कुवैत के विद्युत, जल और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि हमलों के बाद एक बिजली और जल विलवणीकरण संयंत्र के एक हिस्से में आग लग गई।