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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज कहा कि भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) और सामाजिक सुरक्षा समझौते का कार्यान्वयन भारत और ब्रिटेन के बीच दीर्घकालिक साझेदारी में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। सोशल मीडिया पोस्ट में अपनी शुभकामनाएं देते हुए उपराष्ट्रपति ने जोर दिया कि ये समझौते बाजार पहुंच का व्यापक विस्तार करेंगे, व्यापार और सेवाओं को मजबूत करेंगे और पेशेवरों के लिए आवागमन को सुगम बनाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इससे देश में व्यवसायों, उद्यमियों, किसानों, निर्माताओं, लघु एवं मध्यम उद्यमों और कुशल कार्यबल के लिए नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने आगे कहा कि इससे वस्त्र, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद, समुद्री उत्पाद, रसायन और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों जैसे क्षेत्रों की अपार संभावनाओं का और अधिक विकास होगा।
उपराष्ट्रपति ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि भारत-ब्रिटेन संबंधों का यह नया अध्याय साझा समृद्धि, नवाचार और सतत आर्थिक विकास में योगदान देगा, साथ ही दोनों देशों के बीच मित्रता के बंधन को और गहरा करेगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने आज से लागू हो रहे भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते की सराहना की। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह संधि श्रम प्रधान उद्योगों में अपार संभावनाओं को उजागर करेगी और कपड़ा, चमड़ा, इंजीनियरिंग, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल्स और लघु एवं मध्यम उद्यमों सहित 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात को बिना किसी शुल्क के बाजार पहुंच प्रदान करेगी। उन्होंने इस समझौते को सरकार द्वारा अपनाई गई जनहितैषी कूटनीति की दृष्टि का प्रमाण बताया। शाह ने कहा कि यह संधि ब्रिटेन में भारतीय पेशेवरों को महत्वपूर्ण छूट प्रदान करेगी और साथ ही दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करेगी।