जैसे ही जून-जुलाई का महीना दस्तक देता है, बाजार में चारों तरफ तरह-तरह के आम बिकने लगते हैं दशहरी, लंगड़ा, अल्फांसो, चौसा. फलों का राजा आम गर्मियों का सबसे चहेता फल है. इसका मीठा और रसीला स्वाद ऐसा होता है कि लोग पूरे साल इसी मौसम का इंतजार करते हैं. लेकिन घर में बड़े-बुजुर्ग हमेशा एक बात जरूर कहते हैं "पहले आम को पानी में डुबो दो, फिर खाना." बचपन से यह सुनते आए हैं लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि आखिर ऐसा क्यों कहा जाता है? आइए आपके बताते है इसके बारे में.
दादी-नानी अक्सर यही सलाह देती थीं कि आम खाने से पहले उन्हें कम से कम एक घंटे के लिए पानी में भिगोकर जरूर रखना चाहिए. ऐसा करने का वैज्ञानिक कारण यह है कि यह शरीर में पैदा होने वाले अतिरिक्त फाइटिक एसिड को दूर करने में मदद करता है. यह एक प्राकृतिक अणु है जो विभिन्न फलों, सब्जियों और कुछ नट्स में मौजूद होता है और ज्यादा गर्मी उत्पन्न करता है, जो शरीर के लिए अच्छा नहीं होता है. साथ ही सीधे आम खाने से कई लोगों को मुंह में छाले, पेट में जलन या बॉडी हीट जैसी समस्या हो सकती है. लेकिन जब आम को 30 मिनट से 1 घंटे तक पानी में भिगो दिया जाए तो उसकी गर्मी काफी हद तक कम हो जाती है और शरीर पर इसका असर हल्का पड़ता है.
विशेषज्ञों के अनुसार, आम को खाने से पहले कुछ मिनट या घंटों के लिए पानी में भिगोने से कुछ सैप और सैप ऑयल को हटाने में मदद मिल सकती है, जिससे त्वचा में जलन हो सकती है, खासकर संवेदनशील त्वचा या एलर्जी वाले लोगों के लिए. मैंगो सैप में पॉलीफेनोल्स, टैनिन और टेरपेन्स नामक पदार्थों का मिश्रण होता है, जो कुछ मामलों में खुजली, लालिमा और फफोले भी पैदा कर सकता है. आमों को भिगोने से पानी इन जलन पैदा करने वाले तत्वों को पतला और घोल सकता है, जिससे आम को खाना सुरक्षित हो जाता है.
इसके अलावा आम को भिगोने से उनका स्वाद और बनावट भी बढ़ सकती है, खासकर अगर वे पूरी तरह से पके नहीं हैं या लंबे समय तक रेफ्रिजरेट किए गए हैं. आम कार्बनिक अम्ल और वाष्पशील यौगिकों जैसे टेरपेन और एस्टर से भरपूर होते हैं, जो उनकी सुगंध और स्वाद में बढ़ावा देते हैं. हालांकि जब आम हवा, गर्मी या ठंड के संपर्क में आते हैं, तो ये ख़राब हो सकते हैं, जिससे स्वाद और सुगंध का नुकसान होता है. आम को भिगोने से पानी फलों को फिर से हाइड्रेट करने में मदद कर सकता है, जिससे इसकी कुछ नेचुरल मिठास और सुगंध वापस आ जाती है.