नई दिल्ली, 06 जून । दिल्ली सरकार वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) को जनभागीदारी का अभियान बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की "कैच द रेन" अपील को आगे बढ़ाते हुए राजधानी में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से शनिवार को साेशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा जानकारी के अनुसार, सरकार वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसके तहत रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने वाले लोगों को 50 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। साथ ही पानी के बिल में 10 प्रतिशत तक की रियायत भी प्रदान की जाएगी।
रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाना है, ताकि हर बूंद पानी को सहेजा जा सके और जल-सुरक्षित दिल्ली का निर्माण हो। उन्होंने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड की ओर से तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा 100 वर्ग मीटर या उससे बड़े भवनों में वर्षा जल संचयन प्रणाली को अनिवार्य बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजधानी के 75 सीएम श्री स्कूलों में बड़े पैमाने पर वर्षा जल संचयन की तैयारी की जा रही है। इस पहल के माध्यम से लगभग 50 करोड़ लीटर वर्षा जल का संचयन करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों और समाज में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य भूजल स्तर को सुधारना और जल संसाधनों का संरक्षण करना है। सरकारी कार्यालयों में भी जल संरक्षण उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, लगभग 2500 वर्ग फुट की छत से दो लाख लीटर तक वर्षा जल का संचयन संभव है।
उन्होंने दिल्लीवासियों से जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और जल-सुरक्षित राजधानी के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।