नेपाल पीएम के सीमा संबंधी बयान पर विपक्ष ने दी संसद नहीं चलने देने की चेतावनी

Posted on: 2026-06-01


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काठमांडू, 01 जून । नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के रविवार को प्रतिनिधि सभा में नेपाल-भारत सीमा विवाद के संबंध में दिए गए बयान को लेकर विपक्षी दल एकजुट हो गए हैं। सोमवार को हुई विपक्षी दलों की बैठक में कहा गया कि प्रधानमंत्री को अपनी टिप्पणी वापस लेते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

बैठक के बाद नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) के प्रमुख युवराज दुलाल ने कहा कि विपक्षी दलों ने निर्णय लिया है कि जब तक प्रधानमंत्री माफी नहीं मांगते, तब तक संसद की कार्यवाही चलने नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों की बैठक ने निष्कर्ष निकाला है कि प्रधानमंत्री माफी नहीं मांगते तब तक सदन नहीं चलने दिया जाएगा।

इसी तरह नेपाली कांग्रेस संसदीय दल के मुख्य सचेतक निष्कल राई ने बताया कि बैठक ने प्रधानमंत्री के सीमा अतिक्रमण संबंधी बयान को राष्ट्रघाती करार दिया है। विपक्षी दलों ने मांग की है कि उक्त टिप्पणी को संसद की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटाया जाए और प्रधानमंत्री स्वयं संसद में खड़े होकर देशवासियों से माफी मांगें। उन्होंने कहा कि इन मांगों के पूरा होने तक विपक्ष संसद का अवरोध जारी रखेगा।

राई ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सीमा अतिक्रमण के विषय में संसद में जो अभिव्यक्ति दी, उसे विपक्षी दलों ने राष्ट्रघाती माना है। हमारी मांग है कि इस बयान को संसद के रिकॉर्ड से हटाया जाए और प्रधानमंत्री संसद से ही देशवासियों के नाम माफी मांगें। इन्हीं मांगों के साथ आज विपक्षी दलों ने संसद अवरुद्ध करने का निर्णय लिया है।

विपक्षी दलों का कहना है कि प्रधानमंत्री का बयान नेपाल के राष्ट्रीय हित और सीमा संबंधी आधिकारिक नीति के विपरीत है, इसलिए सरकार को इस पर तत्काल स्पष्टीकरण देना चाहिए।