दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई को तोड़-मरोड़कर पेश करने और गलत जानकारी” फैलाने का आरोप लगाया है। यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए एक मीडिया रिपोर्ट सोशल मीडिया पर साझा की। मामले की शुरुआत तब हुई जब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सरकार युवाओं की चिंताओं को लेकर गंभीर है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस पूरे मामले पर नजर रख रहे हैं, ताकि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहे। इसी बयान के आधार पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री खुद NEET पेपर लीक मामले की निगरानी कर रहे थे।
राहुल गांधी की इस टिप्पणी के बाद भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता ने अदालत की कार्यवाही और बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है, जिससे जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में हुई बातचीत को इस तरह से पेश करना न केवल गलत है, बल्कि यह जानबूझकर की गई राजनीतिक रणनीति का हिस्सा लगता है। पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के पास छात्रों के हितों को लेकर कोई वास्तविक चिंता नहीं है, बल्कि उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ लेना है। संबित पात्रा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इस तरह की “गलत जानकारी” फैलाने की प्रवृत्ति यह दर्शाती है कि विपक्ष के नेता का इरादा छात्रों के कल्याण का नहीं, बल्कि केवल सरकार को घेरने का है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट जैसी गंभीर संस्थाओं की कार्यवाही को तोड़-मरोड़कर पेश करना गलत परंपरा को बढ़ावा देता है।
वहीं, कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर कहा जा रहा है कि NEET परीक्षा से जुड़े विवाद और पेपर लीक जैसे मामलों की पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का अन्याय न हो। विपक्ष लगातार सरकार पर परीक्षा प्रणाली में खामियों को लेकर सवाल उठा रहा है। इस पूरे विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। एक तरफ भाजपा विपक्ष पर तथ्य तोड़ने का आरोप लगा रही है, वहीं कांग्रेस सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है। फिलहाल इस मामले पर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और NEET विवाद एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।