रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में पुलिसिंग को और अधिक सख्त करते हुए निगरानी बदमाशों एवं अपराधियों पर लगातार नजर रखकर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में घरघोड़ा पुलिस ने थाना क्षेत्र के निगरानी बदमाश मोहसीम खान उर्फ भुरू पठान को लूटपाट के अपराध में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। आरोपी के संबंध में पुलिस को सूचना मिली थी कि वापस गांव आकर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हो रहा है।
मामले में ग्राम कपाटबहरी थाना सीतापुर जिला अंबिकापुर निवासी अरूण कुमार एक्का पिता शिवकुमार एक्का द्वारा नवंबर 2025 में शिकायत भेजी गई थी, शिकायत एसपी कार्यालय रायगढ़ से जांच हेतु थाना घरघोड़ा भेजा गया । शिकायत के अनुसार अरूण घरघोड़ा में रहकर मजदूरी का काम करता है। दिनांक 21.10.2025 की रात लगभग 8:30 बजे ड्यूटी समाप्त होने के बाद वह अपने पिकअप वाहन की ओर जा रहा था, तभी गुप्ता होटल के पास पीछे से आए मोहसीम खान उर्फ भुरू पठान ने उसके साथ मारपीट की और नशा करने के लिए पैसे मांगने लगा। मना करने पर आरोपी ने उसके शर्ट की जेब से जबरन 500 रुपये छीन लिए तथा मोबाइल छीनने का प्रयास किया। छीना-झपटी के दौरान मोबाइल नीचे गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया। शिकायत जांच के दौरान प्रार्थी/आवेदक अरूण एक्का से संपर्क किया गया ।
प्रार्थी एवं गवाहों के बयान लिए गए। वहीं घटना के बाद आरोपी फरार चल रहा था। शिकायत जांच उपरांत दिनांक 21.05.2026 को आरोपी मोहसीम खान उर्फ भुरू पठान के विरुद्ध अपराध क्रमांक 175/2026 धारा 296, 351(3), 115(2), 119(1), 309(4), 309(6), 308(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की गई। थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए मुखबिर लगाए गए थे। कल रात आरोपी के गांव में देखे जाने की सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया, जहां पूछताछ में उसने लूटपाट की घटना स्वीकार कर ली, आरोपी से शेष लूट रकम जप्त किया गया ।
गिरफ्तार आरोपी मोहसीम खान उर्फ भुरू पठान पिता समीम खान उम्र 30 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 02, ब्लॉक कॉलोनी घरघोड़ा आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2008 में आरोपी चोरी के मामले में चालान किया गया था तथा वर्ष 2010 में वह लूटपाट के मामले में भी गिरफ्तार होकर चालान किया गया था। घरघोड़ा पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध लगातार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई, लेकिन उसमें सुधार नहीं आने पर वर्ष 2015 में उसे खुली निगरानी में लाकर उसका आपराधिक रिकॉर्ड तैयार किया गया तथा कलेक्टर रायगढ़ को जिला बदर के लिए प्रतिवेदन भेजा गया था, जिसके आधार पर आरोपी को जिला बदर किया गया था।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ के मार्गदर्शन में कार्रवाई में थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक, आरक्षक उद्धव पटेल, हरीश पटेल, मनोज जोल्हे, महिला आरक्षक सुप्रिया सिदार एवं संपत्ति भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।