सोलन। पहाड़ों की ठंडी आबोहवा के लिए पहचाने जाने वाला जिला सोलन इन दिनों तेज गर्मी की चपेट में है। सोमवार को शहर का तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों को मई महीने में ही जून जैसी तपिश महसूस हुई। सुबह से तेज धूप ने बाजारों और सडक़ों पर गर्मी का असर बढ़ा दिया। दोपहर होते-होते गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। सब्जी मंडियों में गर्मी का सबसे अधिक असर देखा गया।
बढ़ते तापमान और तेज धूप के कारण हरी सब्जियां जल्दी मुरझाने लगीं। विक्रेता दिनभर पानी का छिडक़ाव करते दिखाई दिए, ताकि टमाटर, पालक, धनिया और गोभी ताजी रहें। दुकानदारों ने बताया कि गर्मी के चलते ग्राहकों की संख्या कम हो गई है और कारोबार प्रभावित हो रहा है। गर्मी के प्रभाव से लोग घरों से बाहर कम निकल रहे हैं, जबकि सडक़ों पर ठंडे पेय, शिकंजी, जूस और आइसक्रीम की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। बच्चों और बुजुर्गों पर गर्मी का असर अधिक देखने को मिला। चिकित्सकों ने लोगों को धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्का भोजन करने की सलाह दी। स्वास्थ्य विभाग ने भी लू और डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए सतर्क रहने की अपील की।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। पहाड़ी क्षेत्र होने के बावजूद सोलन में इस बार रिकॉर्ड गर्मी से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, जिससे लोग अब छतरी और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेने को मजबूर हैं। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डा. राकेश पवार ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों से दोपहर में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्का भोजन करने की अपील की। उन्होंने बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान देने और अत्यधिक कमजोरी या चक्कर महसूस होने पर चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी।