लखनऊ,07 मई । केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरूवार को लखनऊ स्थित केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान परिसर में आम का पौधा रोपने के बाद, आम उत्पादकों, निर्यातकों और प्रगतिशील किसानों से चर्चा की।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्पादन बढ़ाने के साथ उत्पादन-पूर्व और उत्पादन-पश्चात प्रबंधन पर ध्यान देने से ही किसान समृद्ध होंगे। इसलिए आम और अन्य फलों की गुणवत्ता, भंडारण और निर्यात बढ़ाने की दिशा में नई योजनाओं और शोध परियोजनाओं पर काम किया जाएगा।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मलिहाबाद की आम की पट्टी को विश्व स्तर पर बनाए रखना है। मंत्री ने कहा कि आम की शेल्फ लाइफ 25-30 दिनों तक बढ़ाने में सफलता मिली है। आगे इसे 40-50 दिनों तक बढ़ाने पर काम चल रहा है। निर्यात लागत कम करने के लिए समुद्री मार्ग को बढ़ावा दिया जाएगा। अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और कोरिया जैसे नए बाजारों में आम भेजने का प्रयास जारी है। उत्तर प्रदेश में निर्यात सुविधा के लिए एक विशेष केंद्र स्थापित किया जाएगा। कहा कि आठ क्लस्टर बनाए जा रहे हैं। आगरा में आलू अनुसंधान केंद्र खुल रहा है।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि रोगमुक्त पौधों के लिए क्लीन प्लांट सेंटर खोले जाएंगे। इससे नर्सरी स्तर पर रोगमुक्त पौधे उपलब्ध होंगे। प्राइवेट क्षेत्र को भी सहायता दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि जल्द ही एक एकीकृत प्लेटफार्म बनाया जाएगा, जो पौध से लेकर फल तक का पूरा प्रबंधन करेगा। फसल संरक्षण, गुणवत्ता सुधार और आम तोड़ने के बाद की सावधानियों पर किसानों को प्रशिक्षित करने के लिए विशेष टीम गठित की जाएगी।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जलवायु फलों के लिए अनुकूल है। यहां 70 हजार अतिरिक्त बागवानी शुरू हो चुकी है। उन्होंने आम, केले और अंगूर के निर्यात बढ़ाने का लक्ष्य रखा। आम और केले के निर्यात में 5 प्रतिशत तथा अंगूर में 15 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य है।
इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह सहित संस्थान के वैज्ञानिक और अधिकारी उपस्थित रहे।