ऊर्जा, निवेश और तकनीक का संगम: भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026

Posted on: 2026-03-18


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भारत के बिजली और ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 का आयोजन 19 से 22 मार्च तक यशोभूमि, नई दिल्ली में किया जाएगा। यह सम्मेलन और प्रदर्शनी ऊर्जा क्षेत्र का एक प्रमुख वैश्विक मंच बनने जा रहा है, जिसमें दुनिया भर से नीति निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ और निवेशक भाग लेंगे।

इस समिट में 100 से अधिक उच्चस्तरीय सत्र, 300 से ज्यादा वक्ता, 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 500 से अधिक प्रदर्शक और करीब 25,000 प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।

समिट की थीम “Electrifying Growth, Empowering Sustainability, Connecting Globally” रखी गई है, जिसके तहत ऊर्जा क्षेत्र में विकास, स्थिरता और वैश्विक सहयोग पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में रणनीतिक सम्मेलन, तकनीकी सत्र, नेतृत्व संवाद और उद्योग आधारित चर्चाएं शामिल होंगी, जो बिजली क्षेत्र के भविष्य को आकार देने में मदद करेंगी।

इस आयोजन में कई देशों के ऊर्जा मंत्री, भारत के विभिन्न राज्यों के मंत्री, केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, दूतावासों के प्रतिनिधि और प्रमुख कंपनियों के सीईओ शामिल होंगे। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ नेतृत्वकारी देश बन रहा है।

समिट का एक प्रमुख उद्देश्य ‘मेक इन इंडिया’ के तहत ऊर्जा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा देना है। इसमें सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, ट्रांसमिशन सिस्टम और डिजिटल वितरण तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अनुमान है कि 2032 तक इस क्षेत्र में 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के अवसर मौजूद हैं।

समिट में 20,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में एक बड़ी प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन, नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट ग्रिड, बैटरी तकनीक और ऊर्जा दक्षता से जुड़ी नई तकनीकों को प्रदर्शित किया जाएगा।

इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मंत्रीस्तरीय बैठक, राष्ट्रीय ऊर्जा मंत्री बैठक, विभिन्न क्षेत्रों के सीईओ फोरम और विशेष विषयों पर चर्चा सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में ऊर्जा भंडारण, हाइड्रोपावर, कार्बन मार्केट, नई तकनीक और निवेश के अवसरों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श होगा।

यह समिट सरकार, उद्योग, स्टार्टअप, शोध संस्थानों और निवेशकों को एक मंच पर लाकर सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देगा। साथ ही, खरीदार-विक्रेता बैठकें भी आयोजित होंगी, जिससे भारतीय कंपनियों को वैश्विक बाजार में नए अवसर मिलेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के विजन के अनुरूप यह आयोजन भारत को वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत भूमिका दिलाने में अहम साबित होगा।