Posted on:
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने कहा है कि प्रधानमंत्री की सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के औपचारिककरण (पीएमएफएमई) योजना से अब तक दो लाख से अधिक व्यक्तिगत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को लाभ मिला है।
आज नई दिल्ली में पीएमएफएमई सम्मेलन में बोलते हुए, श्री पासवान ने कहा कि कुल लाभार्थियों में से लगभग 80 प्रतिशत पहली पीढ़ी के उद्यमी हैं और उनमें से 44 प्रतिशत महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि 2020 में शुरू की गई इस योजना ने दस लाख प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान किए हैं।
श्री पासवान ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की कुंजी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों के साथ हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौते भारतीय उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार खोल रहे हैं। श्री पासवान ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पीएमएफएमई योजना ने कई लोगों के जीवन को बदल दिया है, जिससे वे अपने उत्पादों को न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बेचने में सक्षम हुए हैं।
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय खाद्य उत्पाद विश्व भर के हर व्यक्ति की थाली तक पहुंचें। श्री पासवान ने खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों से गुणवत्ता पर कोई समझौता न करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खाद्य अपशिष्ट को कम करने का एकमात्र तरीका खाद्य प्रसंस्करण ही है।
दो दिवसीय पीएमएफएमई सम्मेलन में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में नवाचार, ज्ञान और विकास को बढ़ावा देने के लिए उद्यमी, विशेषज्ञ और हितधारक एक साथ आए हैं। इस आयोजन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 400 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।